अनुराधापुर लगभग ईसा पूर्व चौथी सदी से ग्यारहवीं सदी की शुरुआत तक श्रीलंका की राजधानी रहा — दक्षिण एशिया के इतिहास की सबसे लंबी चलने वाली राजधानियों में से एक। यहीं द्वीप पर बौद्ध धर्म की जड़ें जमीं: परंपरा के अनुसार सम्राट अशोक के पुत्र महेंद्र (महिंद) यहाँ धम्म लेकर आए, और उनकी बहन संघमित्रा बोधगया के बोधि वृक्ष की एक शाखा लाईं।
वही वृक्ष — जय श्री महाबोधि — आज भी सफ़ेद वस्त्र पहने हज़ारों श्रद्धालुओं द्वारा पूजा जाता है, और इसे अक्सर प्रलेखित इतिहास वाला सबसे पुराना मानव-रोपित वृक्ष कहा जाता है। इसके आसपास विशाल स्तूप खड़े हैं — चमकता सफ़ेद रुवनवेलिसाया, ईंटों का पहाड़ जेतवनाराम — और अभयगिरि के वन-विहार। 1982 से यूनेस्को विश्व धरोहर।
अनुराधापुर में क्या करें
श्री महाबोधि के दर्शन करें
नगर का आध्यात्मिक हृदय। सुबह-सुबह या संध्या में सबसे सुंदर, जब श्रद्धालु कमल के फूल और तेल के दीये लाते हैं।
रुवनवेलिसाया की परिक्रमा
ईसा पूर्व दूसरी सदी में राजा दुट्ठगामणि द्वारा बनवाया गया और 20वीं सदी में पुनर्निर्मित; नक्काशीदार हाथियों की दीवार और सफ़ेद गुंबद नगर का सबसे ज़्यादा फ़ोटो खींचा जाने वाला दृश्य है।
जेतवनाराम और अभयगिरि
जेतवनाराम प्राचीन दुनिया की सबसे ऊँची इमारतों में था। अभयगिरि विहार क्षेत्र में पेड़ों के बीच चंद्रशिलाएँ, द्वारपाल-शिलाएँ और समाधि बुद्ध छिपे हैं।
अनुराधापुर कैसे पहुँचें
- दांबुला से: लगभग 68 किमी, A9 और A28 से कार द्वारा 1.5 घंटे। बार-बार चलने वाली बसें दो घंटे से कुछ ज़्यादा लेती हैं।
- वहाँ घूमना: स्थल दूर-दूर हैं — साइकिल किराए पर लें या टुक-टुक टूर लें।
काम की सलाह
- हो सके तो सफ़ेद या हल्के रंग के शालीन कपड़े पहनें — पवित्र स्थलों पर इसे सराहा जाता है।
- विदेशियों का पुरातत्व टिकट लगभग 25–30 अमेरिकी डॉलर है; श्री महाबोधि और सक्रिय मंदिरों के लिए अलग व्यवस्था हो सकती है। वहीं जाँच लें।
- पूरा दिन रखें या रात रुकें — एक ही दिन में अनुराधापुर और सिगिरिया बहुत थकाने वाला है।
- पोया (पूर्णिमा) के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है — देखने लायक़, पर चलना धीमा।
अनुराधापुर के सबसे अच्छे टूर और टिकट
अनुराधापुर देखने का सबसे आसान तरीक़ा — ये ऊँची रेटिंग वाले अनुभव:
प्राइवेट टूर शुरुआत US$23 अनुराधापुर: मंदिरों और अनसुनी कहानियों का टुक-टुक टूर
अनुराधापुर के खंडहर कई वर्ग किलोमीटर में फैले हैं और टुक-टुक उन्हें देखने का आदर्श तरीक़ा है। स्थानीय ड्राइवर-गाइड श्री महाबोधि, रुवनवेलिसाया और जेतवनाराम को शांत वन-विहारों से जोड़ता है।
- पवित्र बोधि वृक्ष और महान स्तूप
- प्राइवेट टुक-टुक और ड्राइवर-गाइड
- कम जाने-पहचाने खंडहर जिन्हें ग्रुप छोड़ देते हैं


